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किन्हा परिवार — राजस्थान

राजस्थान के विभिन्न गाँवों एवं ढाणियों में किन्हा परिवार निवास करते हैं। नीचे उपलब्ध सर्वेक्षण के आधार पर गाँववार मार्ग, परिवारों की संख्या तथा संपर्क व्यक्तियों की जानकारी दी गई है।

1. शीतलपुरा

यह किन्हा खेड़ा है। यहाँ लगभग 30–40 किन्हा गोत्री परिवार हैं। शेष अन्य गोत्रों के जाट भाई हैं। यह छोटी ढाणी के रूप में बसा हुआ है।

मार्ग

रेवाड़ी से बस द्वारा बावल और फिर मंडावर होते हुए रैणांगर गाँव से लगभग आधा कि.मी. दूर सड़क पर यह स्थान आता है। रैणांगर से तीतारपुर चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर भेडन्टा चौराहे से लगभग 3 कि.मी. दक्षिण में स्थित है।

रेल द्वारा आने पर रेवाड़ी अथवा अलवर की ओर से आ सकते हैं। हरसोली रेलवे स्टेशन पर उतरकर जीप या टैम्पो द्वारा भेडन्टा चौराहे पर उतरें और वहाँ से रैणां की ओर जाएँ। रैणां गाँव के पास ही शीतलपुरा है।

तहसील: मंडावर   जिला: खैरथल

संपर्क व्यक्ति

  • माननीय श्री बदलूराम जी — मो. 9799763927
  • श्री नरेन्द्र जी — मो. 9549246306

2. नांगल वावला

यह गाँव मंडावर–तीतारपुर चौराहे के बीच मुख्य सड़क पर स्थित है तथा शीतलपुरा से लगभग 5–6 कि.मी. चौराहे की ओर सड़क पर है। किन्हा परिवारों की ढाणी खेतों में स्थित है।

मार्ग

नांगल वावला के बस स्टैंड के पास बने मंदिर/प्याऊ अथवा धर्मशाला के पास से बाईं ओर अप्रोच रोड द्वारा इस ढाणी में पहुँचा जा सकता है। प्याऊ से ढाणी लगभग आधा कि.मी. दूर है। यहाँ लगभग 8–10 घर हैं।

तहसील: मंडावर   जिला: खैरथल

संपर्क व्यक्ति

  • श्री वीर सिंह जी — मो. 8239043089
  • श्री दशरथ जी — मो. 9352456808

3. भजनावास

यह ढाणी के रूप में बसा हुआ जाटों का गाँव है। यहाँ लगभग 5–7 किन्हा परिवार हैं।

मार्ग

मंडावर से बस द्वारा सोढावास जाएँ। वहाँ से अप्रोच रोड द्वारा लगभग 4–5 कि.मी. दूर गाँव पहुँचा जा सकता है। कच्चे रास्ते से दूरी लगभग 2 कि.मी. है।

जयपुर की ओर से आने पर बहरोड़ से बस द्वारा सोढावास उतरें। अलवर की ओर से भी मंडावर होते हुए सोढावास जा सकते हैं। रेवाड़ी से आने पर हरसोली रेलवे स्टेशन पर उतरकर मंडावर होते हुए सोढावास पहुँचा जा सकता है।

तहसील: सोढावास   जिला: खैरथल

संपर्क व्यक्ति

  • श्री दयाराम जी — मो. 9549689814
  • श्री बाबूलाल जी — मो. 8026817812, 9887267426

4. बालकिशन की ढाणी

अलवर, खैरथल अथवा मंडावर से तीतारपुर चौराहा जाएँ। चौराहे से लगभग 4–5 कि.मी. दूर है। तीतारपुर गाँव के पास से अप्रोच रोड जाता है।

यहाँ ढाणी में लगभग 8–10 घर किन्हा परिवारों के हैं। शेष बालकिशन की ढाणी में अन्य गोती जाट तथा दूसरी बिरादरी के भाई रहते हैं।

तहसील: मंडावर   जिला: खैरथल

संपर्क व्यक्ति

  • श्री सुरजन सिंह जी — मो. 7742411631, 9928378128
  • श्री बिजेन्द्र जी किन्हा — मो. 9001182795

5. बेरोज–नशीरों की ढाणी

यहाँ लगभग 7–8 घर किन्हा परिवारों के हैं। शेष अन्य परिवारों के भाई बसे हुए हैं।

मार्ग

यदि अलवर की ओर से आ रहे हैं तो तीतारपुर चौराहे से पहले जिन्दोली गाँव आएगा। यहाँ से नशीरों की ढाणी जाने के लिए बस स्टैंड के पास से आगे का मार्ग है। बस स्टैंड के पास से अप्रोच रोड जाता है और यहाँ से लगभग 2–3 कि.मी. दूर ढाणी है।

यदि बानसुर की तरफ से आ रहे हैं तो तीतारपुर के चौराहे पर उतरकर अप्रोच रोड से बेरोज गाँव जाएँ और यहाँ से लगभग 1 कि.मी. दूर ढाणी में जाएँ। रेवाड़ी से रेल द्वारा आने पर खैरथल उतरकर तीतारपुर चौराहे पर आएँ। मंडावर से भी चौराहे पर आया जा सकता है।

तहसील: मंडावर   जिला: खैरथल

संपर्क व्यक्ति

  • श्री बन्सीराम जी — मो. 9784774629
  • श्री मान सिंह जी — मो. 9587679260
  • श्री करण सिंह जी — मो. 9649340311

6. गुढ़ा की ढाणी

यह किन्हा ढाणी, अर्थात् किन्हा खेड़ा है। इस ढाणी में अन्य गोती जाट अथवा अन्य बिरादरी के भाई नहीं हैं। इनका अपना शिव मंदिर है। यहाँ लगभग 20–25 किन्हा परिवार हैं। कई परिवार यहाँ से बाहर भी बसे हुए हैं।

मार्ग

तीतारपुर चौराहे से आगे बानसुर से पहले एक तिराहा आता है, जिसका नाम दांतली पहाड़ी तिराहा है। यहीं से अप्रोच रोड रामपुरा को जाता है। तिराहे से टैम्पो अथवा बस द्वारा रामपुरा तक जाया जा सकता है।

रामपुरा से आगे लगभग 2–3 कि.मी. का मार्ग पूरा करने के बाद गुढ़ा गाँव आता है। गुढ़ा गाँव से लगभग 1 कि.मी. दूर पहाड़ी की गोद में यह ढाणी बसी हुई है।

रामपुरा से गुढ़ा तक का अप्रोच रोड गहरे पहाड़ों से दोनों ओर से घिरा हुआ है। रात में इस मार्ग पर चलना जोखिमपूर्ण बताया गया है।

तहसील: बानसुर   जिला: कोटपूतली-बहरोड़

7. बानसुर

बानसुर एक कस्बा है, जो एक पहाड़ी के चारों तरफ बसा हुआ है। पहाड़ी पर एक पुराना किला तथा देवी मंदिर भी है। किले के निकट/साइड में चौड़ा रोड है। किले की साइड में एक बैंक है, जिसका नाम H.S.D.F. बैंक बताया गया है। इस बैंक के सामने वाली गली में किन्हा परिवार रहते हैं।

तहसील: बानसुर   जिला: बहरोड़

मार्ग

कोटपूतली–बहरोड़ से बस द्वारा बानसुर आ सकते हैं। अलवर की ओर से भी बानसुर पहुँचा जा सकता है।

संपर्क व्यक्ति

  • श्री सुगन सिंह जी — मो. 9929294872
  • श्री तेजबीर जी — मो. 9950387681
  • श्री छित्तर मल जी — मो. 9983030856
  • कैप्टेन सुबेसिंह जी — मो. 8619344804

8. प्रागपुरा

यह राजपूतों का खेड़ा है। यहाँ लगभग 50–60 किन्हा परिवार बसे हुए हैं। हायर सेकेंडरी स्कूल की साइड वाली चौड़ी गली एक बड़े मंदिर की ओर जाती है। इसी के पास एक जोहड़ है। होली चौक के आसपास किन्हा परिवार बसे हुए हैं। कुछ परिवार अब खेतों में भी बस चुके हैं।

मार्ग

जयपुर रोड पर पांवटा और कोटपूतली के मध्य प्रागपुरा स्थित है। पांवटा से केवल लगभग 1 कि.मी. दूर है। रेवाड़ी से यह जयपुर रोड पर लगभग 100 कि.मी. से अधिक दूरी पर है।

तहसील: पांवटा   जिला: कोटपूतली-बहरोड़

संपर्क व्यक्ति

  • श्री कैलाश जी — मो. 9950342123
  • श्री भोमाराम जी — मो. 9166110719
  • श्री राजू किन्हा — मो. 9414625489
  • श्री मूलचन्द जी — मो. 8432394272
  • श्री फूलचन्द जी — मो. 9799777665

9. पांवटा

यह तहसील के रूप में एक बड़ा कस्बा है। यहाँ 3–4 किन्हा परिवारों के घर बसे हुए हैं। इसी कस्बे में श्री मूलचन्द जी किन्हा की एकेडमी भी है, जहाँ केवल लड़कियों के लिए विभिन्न प्रकार के कोचिंग कोर्स चलाए जाते हैं।

मार्ग

यह कस्बा रेवाड़ी–जयपुर रोड पर स्थित है और प्रागपुरा से लगभग 1 कि.मी. दूर है। वास्तव में प्रागपुरा और पांवटा दोनों आपस में लगभग मिल चुके हैं तथा सड़क के दोनों ओर मकान बन चुके हैं।

संपर्क व्यक्ति

  • डॉ. श्री मुकेश जी, एम.डी. — मो. 9929712476

10. कल्याणपुरा

यह गाँव पांवटा के पास ही है। यहाँ लगभग 3–4 किन्हा परिवार हैं।

मार्ग: पांवटा होकर पहुँचा जाता है। यह पांवटा की पूर्व दिशा में स्थित है।

तहसील: पांवटा   जिला: कोटपूतली-बहरोड़

संपर्क व्यक्ति

  • श्री पहलाद जी किन्हा, प्रारंभ से ही खाप सदस्य — मो. 9602879551

11. बाढ़ाला की ढाणी

यह छोटी-सी ढाणी है। यहाँ लगभग 10 किन्हा परिवार हैं, जिनमें से कुछ परिवारों ने खेतों में भी मकान बनाकर निवास कर लिया है।

मार्ग

प्रागपुरा से लगभग 8 कि.मी. दूर है। यहाँ अपने साधन से जाना पड़ता है।

संपर्क व्यक्ति

  • श्री कैलाश, पुत्र मोजी — मो. 9024945886, 9829851771
  • श्री रामेसर जी किन्हा, पुत्र श्री जगदीश जी — मो. 9928528580
  • श्री मुकेश जी — मो. 7568921206

12. कैमरिया की ढाणी

इस ढाणी में केवल 3 किन्हा परिवार हैं। शेष अन्य जाति के भाई रहते हैं। ढाणी अधिक बड़ी नहीं है।

मार्ग

पांवटा से लगभग 17–18 कि.मी. तथा प्रागपुरा से लगभग 24–25 कि.मी. दूर है। अप्रोच रोड है और यहाँ अपने निजी साधन से ही पहुँचा जा सकता है।

यदि संभव हो तो इन ढाणियों तक पहुँचने के लिए प्रागपुरा से किसी किन्हा सज्जन को अपने वाहन में साथ ले जाना उचित रहेगा, क्योंकि इन ढाणियों तक पहुँचने वाले रास्ते टेढ़े-मेढ़े हैं।

तहसील: पांवटा   जिला: कोटपूतली-बहरोड़

संपर्क व्यक्ति

  • श्री रामनिवास जी किन्हा — मो. 9068815965

13. नयाबांस की ढाणी

यह छोटी-सी ढाणी है। यहाँ 2 किन्हा गोत्री परिवारों के घर हैं। शेष अन्य भाई-बिरादरी के लोग रहते हैं।

मार्ग

पांवटा या प्रागपुरा से लगभग 25 कि.मी. दूर है। यहाँ जाने के लिए अपने साधन की आवश्यकता है।

तहसील: पांवटा   जिला: बहरोड़

संपर्क व्यक्ति

  • श्री रमेश चन्द जी किन्हा — मो. 9521245442

14. गुदड़िया की ढाणी

इस ढाणी में लगभग 5–7 किन्हा परिवार हैं।

मार्ग

प्रागपुरा या पांवटा से अप्रोच रोड द्वारा टेढ़े-मेढ़े रास्तों से अपने साधन द्वारा पहुँचा जा सकता है। पांवटा से लगभग 20–22 कि.मी. दूर है।

तहसील: पांवटा   जिला: बहरोड़

15. मढ़ा

यह बड़ा गाँव है, लेकिन यहाँ किन्हा परिवारों के केवल 2–3 घर हैं। यह राजपूत खेड़ा है।

मार्ग: प्रागपुरा या पांवटा से लगभग 10–15 कि.मी. दूर है।

तहसील: पांवटा   जिला: बहरोड़

16. बड़ नगर

यहाँ केवल 5–7 किन्हा परिवार हैं।

मार्ग: पांवटा से पश्चिम दिशा में लगभग 3 कि.मी. दूर है।

तहसील: पांवटा   जिला: बहरोड़

17. मस्ताबाद मेव खेड़ा

इस गाँव में किन्हा परिवारों के 6 घर हैं। शेष खिचड़, हरितवाल, चोपड़ा तथा घटाल गोती के जाट हैं।

मार्ग

अलवर से रामगढ़ बस द्वारा जाएँ। रामगढ़ से लगभग 6 कि.मी. दूर मस्ताबाद आता है। यहाँ से लगभग 1 कि.मी. दूर मेव खेड़ा (बड़ा) है। इसी स्थान पर किन्हा परिवार रहते हैं।

तहसील: रामगढ़   जिला: अलवर

संपर्क व्यक्ति

  • श्री बिशनु जी — मो. 7877620828
  • श्री बच्चुराम जी — मो. 9772814372
  • सोनू जी, पुत्र श्री सीताराम — मो. 7023055404
  • श्री बुद्धाराम जी — मो. 9828865419

18. श्योदानपुरा

यह राजपूत खेड़ा है। यहाँ लगभग 25–30 किन्हा परिवार हैं।

मार्ग

रेवाड़ी से ट्रेन या बस द्वारा चूरू शहर जाएँ। चूरू रेलवे स्टेशन के आसपास से ढाढ़र–धांधु–मलसीसर की तरफ जाने वाली बसों द्वारा आगे जाया जा सकता है। यह गाँव धांधु से आगे लगभग 5–6 कि.मी. दूर मलसीसर मार्ग पर स्थित है। लुहारू से पिलानी होकर भी मलसीसर जाया जा सकता है। राजगढ़ होकर भी मलसीसर पहुँचा जा सकता है।

संपर्क व्यक्ति

  • श्री देवकरण जी — मो. 9602094258
  • श्री सुरेन्द्र जी — मो. 9680613591
  • श्री महिपाल जी — मो. 9982864231
  • श्री जितेन्द्र जी — मो. 9983086741
  • श्री चन्द जी — मो. 9660216072
  • श्री प्रकाश जी — मो. 9587594629

19. रसूलपुर

यहाँ केवल 8–9 किन्हा परिवार हैं। इन परिवारों की संख्या में अधिक वृद्धि नहीं हुई।

मार्ग

चूरू से रेल द्वारा हरसावा स्टेशन पर उतरकर रसूलपुर पहुँचा जा सकता है।

20. माधोपुर

यहाँ केवल एक ही किन्हा परिवार का घर है। परिवार की संख्या में वृद्धि नहीं हो पाई। कई पीढ़ियों से एक-एक व्यक्ति ही आगे बढ़ता रहा है—एक दादा, उनका एक बेटा और फिर एक पोता।

मार्ग

रेवाड़ी से रेल द्वारा माधोपुर स्टेशन पर उतरें। यहाँ सीकर बाईपास पर F.C.I. गोदाम है तथा गोदाम के आसपास मकान हैं।

संपर्क व्यक्ति

  • श्री नरेन्द्र जी किन्हा — मो. 9414741693

21. खाजूवाला–मुस्लिम जोहड़ी गाँव

इस ढाणी में लगभग 4–5 किन्हा परिवार हैं, जो लगभग 70–80 वर्ष पूर्व श्योदानपुरा से आकर बसे थे। शेष अन्य परिवार हैं।

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